बिहार चुनाव
शुक्रिया नरेंद्र मोदी ,शुक्रिया नीतीश कुमार और शुक्रिया तेजस्वी आप सब सोच रहे होंगे कि यह शुक्रिया किस लिए ?एक साथ तीनो को शुक्रिया ? जी हाँ। इसकी बहुत बड़ी वजह है,और वज़ह है बिहार का चुनाव। इस बार बिहार विधान सभा का चुनाव बिलकुल अलग अंदाज़ में हो रहा है। सभी दलों ने अपने चुनावी घोषणा पत्रों में रोज़ी-रोज़गार को और नौकरियों को प्रमुख स्थान दिया है। खुलेआम जात-पांत और अगड़े-पिछड़े की राजनीति करने वाले दल राजद ने लालू यादव को नेपथ्य में डालते हुए युवा नेता तेजस्वी को अपना नेता बनाया है। एक दो चुनावी सभाओं की बात छोड़ दें ,तो तेजस्वी ने अपने भाषणों में सरकारी नौकरियां देने की बात कर युवाओं में आकर्षण पैदा कर दिया है। यह अलग बात है कि इन वादों को पूरा करना और सब को सरकारी नौकरी देना कितना संभव है ?फिर भी उस दल की तरफ से ऐसी बातों की चर्चा होना, जिस पर बिहार को गर्त में ले जाने के तमाम आरोप लगते रहें हों ,निश्चित रूप से सुखद है। तेजस्वी का ऊर्जा से भरा हुआ भाषण और आत्मविश्वास उन्हें एक परिपक़्व नेता तो निश्चित रूप से बना दिया है। बिहार की चर्चा के केंद्...