Gazal
गज़ल क्या क्या मंसूबे पाल रक्खें है, ढेरों जुगत निकाल रक्खें है, खुद को सही साबित करने को, जाने कैसी कैसी मिसाल रक्खें है। जवाब जिसका मालूम हीं नहीं, अनगिनत ऐसे सवाल रक्खें है। रंग बदलने में माहिर लगते है, गिरगिट की जैसी खाल रक्खें है। जिंदगी को भी शतरंज समझ बैठे, आड़ी तिरछी चाल रक्खें है । #संजयकीसोच